Popular Culture Ke Vimarsh

-25%

Popular Culture Ke Vimarsh

Popular Culture Ke Vimarsh

395.00 295.00

In stock

395.00 295.00

Author: Sudhish Pachauri

Availability: 5 in stock

Pages: 200

Year: 2011

Binding: Hardbound

ISBN: 9789350007297

Language: Hindi

Publisher: Vani Prakashan

Description

पॉपूलर कल्चर के विमर्श

‘पॉपूलर कल्चर के विमर्श’ एक जरूरी किताब है। समकालीन भारतीय समाज में ‘पॉपूलर कल्चर’ नित्य ‘उपभोग्य’ हो रही है। ऐसी संस्कृतियाँ अब बहुत कम बची हैं जो इस उपभोक्तावाद की शिकार न हों।

‘पॉपूलर कल्चर’ को वे लोग ‘पतित संस्कृति’, ‘अपसंस्कृति’, कह कर निंदित करते हैं, जो किसी ‘पुराणपंथ’ के मारे होते हैं। उनकी प्रतिक्रियाएँ ‘नैतिक दारोगाई’ की ओर धकेलती हैं।

उच्चतर अध्ययन के संस्थानों में ‘सांस्कृतिक विमर्श’ एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में पढ़े-पढ़ाये जाते हैं। ‘पॉपूलर संस्कृति’ के ‘पाठ’ को समझने  के लिए सांस्कृतिक अध्ययनों के विमर्शों, उनमें उपलब्ध पाठ-विग्रह और विखंडन के तरीकों को पढ़ना अनिवार्य माना जाता है। सुधीश पचौरी की यह पुस्तक इस अध्ययन में सहायक है।

यहाँ भारतीय समाज में उपलब्ध ‘पॉपूलर कल्चर’ के अनेक पहलुओं, उसके अनेक ‘अनुषंगों’ और ‘छटाओं’ की समीक्षा है। फैशन, ग्लैमर, निर्बाध कामनाएँ, नये किस्म का अकेलापन, भीड़, उन्माद, हिंसा, सैक्स, लालच, स्वार्थपरता, निजता, और नयी अन्धी स्पर्धा ने मनुष्य की जीवन शैली और जीवन-चर्या पर गहरे प्रभाव डाले हैं।

यह किताब इन तमाम पहलुओं से गुजरती है और ‘पॉपूलर कल्चर’ के नये विमर्शों से परिचित कराती है।

Additional information

Authors

Binding

Hardbound

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2011

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Popular Culture Ke Vimarsh”

You've just added this product to the cart: