

Pratinidhi Kahaniyan : Akhilesh

Pratinidhi Kahaniyan : Akhilesh
₹150.00 ₹112.00
₹150.00 ₹112.00
Author: Akhilesh Tatbhav
Pages: 204
Year: 2018
Binding: Paperback
ISBN: 9788126724154
Language: Hindi
Publisher: Rajkamal Prakashan
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Description
प्रतिनिधि कहानियाँ : अखिलेश
अखिलेश की कहानियाँ बातूनी कहानियाँ हैं…गजब का बतरस है उनमें। वे अपने पाठकों से जमकर बातें करती हैं। अपने सबसे प्यारे दोस्त की तरह गलबहियाँ लेकर वे आपको आगे और आगे ले जाती हैं और उनमें उस तरह की सभी बातें होती हैं जो दो दोस्तों के बीच घट सकती हैं (कोई चाहे तो इसे कहानीपन भी कह सकता है।) यही वजह है कि बेहद गम्भीर विषयों पर लिखते हुए भी अखिलेश की कहानियाँ जबर्दस्ती की गम्भीरता कभी नहीं ओढती हैं।
पढ़ते हुए कई बार एक मुस्कान-सी ओठों पर आने को होती है। क्योंकि उनके यहाँ कोई बौद्धिक आतंक, सूचना का कोई घटाटोप या किसी और तरह का बेमतलब का जंजाल चक्कर नहीं काटता कि पाठक कहीं और ही फँसकर रह जाए…। इन कहानियों की एक और खूबी यह भी है कि ये कहानियाँ पाठक से ही नहीं बात करती चलती बल्कि खुद उनके भीतर भी कई तरह के समानान्तर संवाद चलते रहते हैं। वे खुद भी अपने चरित्रों से बतियाते चलते हैं, उनके भीतर चल रही उठा-पटक को अपने अखिलेशियन अन्दाज में सामने लाते हुए।
क्या है ये अखिलेशियन अन्दाज। उसकी पहली पहचान यह है कि वह बिना मतलब गम्भीरता का ढोंग नहीं करते बल्कि उनकी कहानियाँ अपने पाठकों को भी थोपी हुई गम्भीरता से दूर ले जानेवाली कहानियाँ हैं। उनकी कहानियों का गद्य मासूमियत वाले अर्थों में हँसमुख नहीं है बल्कि चुहल-भरा, शरारती पर साथ ही बेधनेवाला गद्य है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Pages | |
| Publishing Year | 2018 |
| Pulisher | |
| Language | Hindi |









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