

Raunda Hua Niwala

Raunda Hua Niwala
₹500.00 ₹410.00
₹500.00 ₹410.00
Author: Sadanand Deshmukh
Pages: 224
Year: 2015
Binding: Hardbound
ISBN: 9788183617871
Language: Hindi
Publisher: Radhakrishna Prakashan
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Description
रौंदा हुआ निवाला
गाओं में गुजर-बसर कर रहे लोगों के दैनंदिन जीवन में घटने वाली घटनाओ को रेखांकित करने वाली कहानियों का संकलन है – रौंदा हुआ निवाला ! अपनी इन तेरह कहानियों में लेखक ने गाँव में व्याप्त विभिन्न समस्याओं की ओर पाठको का ध्यान आकर्षित किया है। ऐसी समस्याएँ, जिनसे प्रतिदिन उन्हें दो-चार होना पड़ता है। चाहे दहेज़ के आभाव में आत्महत्या करनेवाली युवती का मुद्दा हो, या फिर पत्नी द्वारा छले गए पति का, चाहे सूखा पड़ने पर पशुओं के चारे के लिए दर-दर भटकते किसान का हो या फिर उपज से ज्यादा खेती में आनेवाली लागत का; या फिर सरकारी करमचारियों द्वारा भोली-भाली जनता को कानूनी दांव-पेच में फंसाकर लुटने का, या सिर्फ वादा करनेवाली नेताओं का-लेखक ने बड़ी सिददत से अपने इस संकलन में इन जिवंत मुद्दों का उकेर है। अभावों के बीच, विषम परिस्थितयों में भी जीवन जीने की ललक इस संग्रह को विशिष्ठ बनाती है।
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| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2015 |
| Pulisher |









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