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Description
सीपियाँ
कबीर, तुलसी, वृंद, रहीम और बिहारी आदि कवियों ने सदियों पहले अपनी गहरी अन्तर्दृष्टि और मानव-स्वभाव की समझ की बुनियाद पर कुछ बातें कहीं, और इसके लिए उन्होंने कविता का जो रूप चुना, वह था—दोहा। दो पंक्तियों में गुँथी-गठी एक सम्पूर्ण कविता जो तीर की तरह जाकर हमारी चेतना में गड़ जाती है।
सैकड़ों सालों से ये दोहे हमारे साथ रहते आए हैं, कभी ये हमें हमारी ख़ामियाँ दिखाते हैं, कभी हमारे रहबर बन जाते हैं, और कभी कोई ऐसा सच बता जाते हैं जिसे हमारी दुनियावी निगाह देखकर भी नहीं देखती।
‘सीपियाँ’ में जावेद अख़्तर ने ऐसे ही कुछ दोहों को चुनकर उनके भीतर छिपे सत्य को आमफ़हम ज़बान में हर किसी के लिए सुलभ कर दिया है। जो बातें इनसे निकलकर आई हैं वे आज भी उतनी ही सच हैं, आज भी उतनी ही उपयोगी हैं, जितनी उस समय थीं, और आगे भी उतनी ही सार्थक रहेंगी।
जावेद अख़्तर हमारी आज की रोज़मर्रा ज़िन्दगी से उन्हें जोड़ते हैं और बताते हैं कि कैसे उन पर अमल करके, उनसे मिलनेवाली सीख को अपनाकर हम ख़ुद को बेहतर इनसान और अपनी दुनिया को एक बेहतर समाज बना सकते हैं।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2025 |
| Pulisher |











Astha Kohli –
“सीपियाँ” – जावेद अख्तर की नई किताब अब आई है!
जावेद अख्तर जी की नई किताब “सीपियाँ” अभी कुछ दिन पहले ही लॉन्च हुई है। इस किताब में उन्होंने करीब 90 दोहों की बहुत ही सुंदर और आसान भाषा में व्याख्या की है। ये दोहे कबीर, रहीम, तुलसीदास और कई अन्य प्रसिद्ध कवियों के हैं।
हर दोहे को जावेद जी ने इस तरह समझाया है कि बच्चे और बड़े – दोनों आसानी से समझ सकें और उससे कुछ सीख सकें।
हम जल्द ही इस किताब को GGF के बच्चों के पढ़ाई के कोर्स में भी जोड़ने जा रहे हैं। ताकि बच्चे इन दोहों से ज्ञान और अच्छे संस्कार ले सकें।
आप भी यह किताब ज़रूर पढ़िए और अपने बच्चों को भी पढ़ाइए।
यह किताब Amazon पर सिर्फ ₹299 में मिल रही है।
📖 आइए, मिलकर अपने बच्चों को हमारे महान कवियों की बातें सिखाएं।