Shaharnama Gorakhpur
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Description
शहरनामा गोरखपुर
भौगोलिक परिदृश्य
शिवशंकर वर्मा, चन्द्रमिलन वर्मा
गोरखपुर नगर अपने ही नाम की कमिश्नरी, जनपद तथा तहसील का मुख्यालय एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी (11,98,491 जनसंख्या) के बाद सबसे बड़ा नगर है। यह नगर पूर्वी उत्तर प्रदेश का वाणिज्यिक, शैक्षणिक, व्यापारिक केन्द्र होने के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक केन्द्र भी है। 7 सितम्बर 1869 को इस नगर को नगरपालिका की श्रेणी प्राप्त हुई तथा 1891 में इसे गोरखपुर मण्डल का मुख्यालय बनाया गया। सन् 1954 में इस नगर को पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय बनाया गया। सन् 1964 में राप्ती नदी पर लगभग 40 लाख रुपये की लागत से बने एक पक्के पुल से राष्ट्रीय राजमार्ग 28 एवं 29 द्वारा इस नगर को प्रदेश एवं देश के अन्य नगरों तथा समीपवर्ती क्षेत्रों से विधिवत जोड़ दिया गया। इस प्रकार रेलवे एवं राजमार्गों के विकास के कारण नगर का व्यापारिक एवं व्यावसायिक सम्बन्ध अन्य क्षेत्रों से हो जाने के कारण नगर का सर्वांगीण विकास बड़ी तीव्र गति से प्रारम्भ हुआ। रेलवे लोकोमोटिव, गीताप्रेस, भारतीय उर्वरक कारखाना, गोरखपुर विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कालेज के साथ प्राविधिक एवं स्नातक तथा स्नातकोत्तर महाविद्यालय, वायुसेना की सुरक्षात्मक इकाइयों, आकाशवाणी, दूरदर्शन, औद्योगिक आस्थान, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण, आदि के समय-समय पर स्थापित होने से नगर की केन्द्रीयता बढ़ती गयी और पहले मात्र सेवा केन्द्र के रूप में विकसित यह नगर एक प्रमुख केन्द्रस्थल हो गया।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2017 |
| Pulisher |











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