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स्वर्णमृग
‘पहला गिरमिटिया’ जैसे कालजयी उपन्यास के लेखक गिरिराज किशोर का नवीनतम उपन्यास है ‘स्वर्णमृग’। इसमें वैश्वीकरण के ज्वंलत प्रश्न को, कथानायक ‘पुरुषोत्तम’ के माध्यम से उभारा गया है, और उसमें छिपे खतरनाक सत्य को उद्घाटित किया गया है। एक अत्यंत प्रभावशाली और विचारोत्तेजक उपन्यास।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2012 |
| Pulisher |











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