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Description
वन देवता का वाहन
अँधेरे जंगल में पाज़ेब की छन… छन… आपका पीछा कर रही हो, तो आप कैसा महसूस करेंगे ? तब क्या करेंगे जब आप गोली से ख़ाली बंदूक लिए बैठे हों और हमलावर बघेरा आपसे महज़ कुछ फीट दूर हो ? जिस कुएँ में आपने किसी को आत्महत्या करते देखा है, उस पर रात में रहट चलने की आवाजें आएँ, मगर रहट स्थिर हो, तो आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी ?
इस किताब में संगृहीत वास्तविक जीवन की घटनाओं को जंगल की कहानियों के रूप में कैसे परिभाषित किया जाए ? यकीनन, इन्हें पढ़ना दिलचस्प है। ये ऐसे दौर में झाँकने का मौका देती हैं जब मनुष्य और जानवर सह-अस्तित्व के लिए प्रयासरत थे। हालाँकि, मनुष्य ज़्यादा साधन-संपन्न बनता गया, लेकिन सम्मोहित करती वह विराट् सघन हरीतिमा, जो बाघ-बघेरों और उनके सगे-संबंधियों से आबाद थी, उसे विस्मित करती रही। यहाँ प्रस्तुत कहानियाँ महज़ रोमांचकारी घटनाओं का इतिवृत्त नहीं हैं। गाँवों और जंगलों में आम जन के देखे-सुने भूतिया नज़ारों के कई मिथकों को तोड़ने की असरदार विषय-वस्तु इन कहानियों के साथ-साथ चलती है। इससे वृत्तांतों में कभी हल्के-फुल्के तो कभी गंभीर मोड़ आ जाते हैं। इस किताब को पढ़ना आनंददायी है, जो उस मनोविज्ञान की झलक भी देती है, जिससे मालूम होता है कि कई शिकारी आख़िरकार कैसे प्रतिष्ठित संरक्षणकर्ता बन गए।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2026 |
| Pulisher |











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