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Description
डान क्विग्जोट
डान क्विग्जोट प्रख्यात स्पानी कथाकार मिग्यु द सरवांतीस साविद्र द्वारा लिखित कालजयी स्पानी उपन्यास एल इनखेनिओसो इदाल्गो दोन किखोते दे ला मांचा का हिन्दी अनुवाद है। यह कृति विश्व साहित्य के श्रेष्ठतम उपन्यासों में से एक मानी गयी है। हालाँकि सरवांतीस ने यह स्वीकार किया है कि उपन्यास का उद्देश्य शौर्यगाथात्मक पुस्तकों का उपहास था,जिसके कारण उन दिनों यह लोकप्रिय भी हुआ। लेकिन भरपूर कल्पनाशीलता और तत्कालीन सामाजिक साहित्यिक परिदृश्य का उपहास करने की अदम्य भावना के कारण उनका सामान्य व्यंगोद्देश्य पीछे छूट गया- उपन्यास शौर्य गाथा युग के अंतिम समय के स्पानी जीवन, सोच और अनुभवों का सूक्ष्म चित्रण उपलब्ध कराता है। विश्व के कथा साहित्य में शायद ही कोई ऐसा और पात्र हो, जिसने प्रस्तुत उपन्यास के करूण विदूषक नायक डान क्विग्जोट की भाँति पाठकों को साथ-साथ हँसा-रूलाकर उनके ह्रदय में घर कर लिया हो। आयरिश कवि डब्लू,बी.येट्स के अनुसार, कोई भी नाटककार न तो आज तक किसी ऐसे चरित्र की रचना कर सका है, न भविष्य में कर सकेगा, जो मंच से बाहर आकर हमारा उस तरह साथी बन जाए, जैसे डान क्विग्जोट इस पुस्तक के पन्नों से बाहर आकर हमारा साथी बना जाता है।” सन् 2005 ईस्वी में अपने स्पानी प्रकाशन की 400 वीं वर्षगांठ मना रहा .यह उपन्यास विश्व की प्रायः सभी प्रमुख भाषाओं में अनूदित होकर आज भी पाठकों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2014 |
| Pulisher |











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