Acharya Kshiti Mohan Sen

Acharya Kshiti Mohan Sen

आचार्य क्षितिमोहन सेन

आचार्य क्षितिमोहन सेन का जन्म काशी में 2 दिसम्बर 1880 को हुआ, उनका परिवार विद्या और चिकित्सा दोनों के लिए प्रसिद्ध था। उन्हें बाल्यकाल में महामहोपाध्याय पं. सुधाकर द्विवेदी और महामहोपाध्याय पं. गंगाधर शास्त्री जैसे पण्डितों का सत्संग प्राप्त हो गया। आगे चलकर वे कविगुरु रवीन्द्रनाथ के सम्पर्क में आये और उनके अत्यन्त अन्तरंगों में हो गये। शान्तिनिकेतन में वे दीर्घकाल तक अध्यापक रहे और अन्त में वहाँ के विद्या-भवन के अध्यक्ष थे। विश्वभारती युनिवर्सिटी में संस्कृत विभाग के उपाचार्य के पद पर कार्यरत रहे।

साहित्य सेवा : कबीर (1910-1911), भारतीय मध्यकालीन साधना धारा, भारतीय संस्कृति, युग-गुरु राममोहन, भारत में जातिगत भेदभाव, हिंदू संस्कृति का स्वरूप, भारतीय हिंदू मुस्लिम एकता साधना, प्राचीन भारतीय महिलाएं, साधक और साधना आदि।

निधन : 12 मार्च, 1960

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