Basudev Sunani
बासुदेव सुनानी
बासुदेव सुनानी का जन्म 27 सितम्बर, 1962 को ओड़िशा के कालाहांडी (नुआपाड़ा) जिले के मुनिगुडा गाँव में हुआ। उन्होंने ओड़िशा पशु चिकित्सा महाविद्यालय, भुवनेश्वर से शिक्षा हासिल की है। दो उपन्यास और बारह कविता-संग्रहों सहित उनकी पैंतीस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें प्रमुख हैं—‘पड़ा पोड़ि’, ‘मसानी शहरा देल्ही’ (उपन्यास); ‘अस्पृश्य’, ‘करडि हाट’, ‘छि’, ‘कालिया उबाच’, ‘बोध हुए भल पाइबा मोते जना नाहिं’, ‘मुँ अछि बोली’, ‘संस्कृतिर इतिहास’, ‘ब्राह्मणबाद ओ भारतीय नारी’ और ‘बिचार ओ ब्यबस्था’ (आलोचना/निबन्ध)। उन्होंने हाशिये पर पड़ी डोम भाषा की कविताओं के एक संग्रह का सम्पादन किया है। अखबारों के लिए स्तम्भ-लेखन, विज्ञान विषयक लेखन और अनुवाद भी किये हैं। उनकी रचनाएँ हिन्दी, उर्दू, मराठी, तमिल, पंजाबी, गुजराती, भोजपुरी, अंग्रेज़ी, जर्मन, अरबी और कुछेक ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी भाषाओं सहित विभिन्न देशी-विदेशी भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं।
उन्हें ‘ओड़िशा साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, ‘मुथमिज़ अरिग्नार कलैग्नार एम. करुणानिधि पोर्किज़ी पुरस्कार’, ‘भीम भोई सम्मान’ और ‘भुवनेश्वर पुस्तक मेला पुरस्कार’ सहित अनेक पुरस्कार और सम्मान प्रदान किये गए हैं।
ई-मेल : sunanibasudev@gmail.com

