Dr. Goma Devi Sharma
डॉ. गोमा देवी शर्मा
डॉ. गोमा देवी शर्मा का जन्म 3 नवम्बर, 1975 को मणिपुर के इराङ पार्ट-2 गाँव में हुआ। उन्होंने मणिपुर विश्वविद्यालय, इम्फाल (मणिपुर) से हिन्दी साहित्य में दो स्वर्ण पदकों के साथ स्नातकोत्तर किया और वहीं से पी-एच.डी. उपाधि प्राप्त की। गुवाहाटी विश्वविद्यालय, गुवाहाटी (असम) से नेपाली साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि भी हासिल की।
1998 में उनकी पहली नेपाली रचना ‘बीरे’ (एकांकी) ‘संकल्प’ पत्रिका में प्रकाशित हुई। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘नेपाली भाषा र संस्कृति’, ‘मणिपुरमा नेपाली साहित्य : एक अध्ययन’, ‘भारतीय नेपाली साहित्यको विश्लेषणात्मक इतिहास’, ‘शून्य प्रहरको साक्षी’ (नेपाली)। ‘पूर्वोत्तर काव्य सृजन’, ‘साहित्य लहर’, ‘21 श्रेष्ठ लोककथाएँ : असम’, ‘शून्य प्रहर का साक्षी’ (हिन्दी)।
साधनहीन नेपाली लेखकों के लिए समर्पित ‘गोरखा ज्योति प्रकाशन’ की व्यवस्थापक। पूर्वोत्तर हिन्दी साहित्य अकादेमी (मणिपुर इकाई), आगमन साहित्य परिवार, वरिष्ठ नागरिक काव्य-मंच (असम), त्रिगुण फाउंडेशन (मणिपुर), हाम्रो स्वाभिमान (कामरूप, असम) आदि संस्थाओं से संरक्षक, अध्यक्ष व आजीवन सदस्य के रूप में सम्बद्ध।
उन्हें ‘पूर्वोत्तर हिन्दी साहित्य अकादेमी सम्मान’, ‘महाकवि तुलसीदास अन्तरराष्ट्रीय सम्मान’, ‘महर्षि वेदव्यास सम्मान’, असम सरकार के ‘लेखक सम्मान’, ‘शहीद निरंजन सिंह छेत्री सम्मान’, ‘आगमन सम्मान’ आदि से सम्मानित किया गया है।
सम्प्रति : प्राध्यापक, हिन्दी विभाग, तेजपुर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तेजपुर-784 028, असम।
ई-मेल : gomaadhikaris@gmail.com
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Bhartiya Nepali Sahitya Ka Vaigyanik Itihas
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