Feisal Alkazi
फ़ैसल अलक़ाज़ी
शिक्षाविद्, रंग निर्देशक और सामाजिक कार्यकर्ता फ़ैसल अलक़ाज़ी दिल्ली में रहते हैं। पिछले चालीस सालों में उन्होंने अपने समूह ‘रुचिका’ के साथ अपने लिए एक उपयुक्त पनाह तराशा। उन्होंने हिन्दी, अंग्रेज़ी और उर्दू में 200 से अधिक नाटकों का निर्देशन किया है। पूरे भारत में विद्यालयों के लिए उन्होंने 100 से भी ज़्यादा नाटकों और विकलांगों के लिए 30 से अधिक वृत्तचित्रों का निर्देशन किया है।
वर्तमान में वह विरासत शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली, जयपुर, श्रीनगर और हैदराबाद में परियोजनाओं की शुरुआत करने में सक्रिय हैं। वह बीस किताबों के लेखक हैं जिनमें ‘फ़ॉरएवर फ़्रेंड्स’, ‘टैगोर फ़ॉर टुडे’, ‘श्रीनगर : एन आर्किटेक्चरल लेगेसी’ आदि प्रमुख हैं।