Malika Amar Shaikh

Malika Amar Shaikh

मलिका अमर शेख

मलिका अमर शेख का जन्म 16 फरवरी, 1957 को मुम्बई, महाराष्ट्र में हुआ। वे स्कूली दिनों से ही कविताएँ लिखने लगी थीं। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दलित कवि और दलित पैंथर्स के सह-संस्थापक नामदेव ढसाल से विवाह किया। 1979 में उनका पहला कविता-संग्रह ‘वाळूचा प्रियकर’ प्रकाशित हुआ। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘महानगर’, ‘देहऋतू’, ‘माणूसपणाचं भिंग बदलताना’, ‘भीषण गर्म हवा’, ‘भयचकिताच्या सावल्या’ (कविता-संग्रह); ‘कोऽहम कोऽहम?’, ‘एक होता उंदीर’, ‘झाडपणाची गोष्ट’, ‘मुखवटे सोलताना’ (कहानी-संग्रह); ‘हैंडल विथ केअर’ (उपन्यास)। 1984 में उनकी आत्मकथा ‘मला उद्धवस्त व्हायचंय्’ प्रकाशित हुई जिसने अपनी बेबाक अभिव्यक्ति के कारण विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। 2014 में नामदेव ढसाल के निधन के बाद, वे दलित पैन्थर्स की अध्यक्ष चुनी गईं। वे साहित्यिक कलावंत प्रतिष्ठान के ‘वाग्यज्ञे पुरस्कार’ (2016) सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित हैं।

सम्पर्क : malikaamarshaikh1234@gmail.com

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