Sagar Sarhadi

Sagar Sarhadi

सागर सरहदी

सागर सरहदी का जन्म 11 मई, 1933 को अविभाजित हिन्दुस्तान के पश्चिमोत्तर सीमाप्रान्त के ज़िला हज़ारा के बफ़ा गाँव में हुआ था।

उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा दिल्ली में हासिल की थी और मुम्बई के खालसा कॉलेज से अंग्रेज़ी साहित्य में स्नातक किया था।

उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—राजदरबार, भूखे भजन न होई गोपाला, तनहाई, दूसरा आदमी, भगत सिंह की वापसी, इंटरनेशनल क्लब (नाटक); गुरु और बीस एकांकी (एकांकी-संग्रह); आवाज़ों का म्यूज़ियम, जीव जनावर, सागर यारा (कहानी-संग्रह)।

उन्होंने ‘कभी-कभी’, ‘सिलसिला’, ‘दीवाना’, ‘नूरी’, ‘अनुभव’, ‘ज़िन्दगी’, ‘चाँदनी’, ‘फ़ासले’, ‘रंग’, ‘कहो ना…प्यार है’ आदि फ़िल्मों का लेखन किया। ‘तेरे शहर में‘, ‘बाज़ार’, ‘चौसर’ जैसी बहुप्रशंसित फ़िल्मों के साथ-साथ कई धारावाहिकों, टेलीफ़िल्मों का निर्देशन भी किया। सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे।

21 मार्च, 2021 को मुम्बई में उनका निधन हो गया।

 

wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto wiltoto toto toto toto toto toto
You've just added this product to the cart: