T. Janakiraman
टी. जानकीरामन
टी. जानकीरामन का जन्म 28 जून, 1921 को मद्रास प्रेसीडेंसी में हुआ था। वे 20वीं शताब्दी के प्रख्यात तमिल कथाकारों में शामिल हैं। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—मोहामुल, अमृतम्, मालार मंजम, सेमपारुती, अम्मा वंदालु, माराप्पासु (उपन्यास); आदि, नालावतु सर, थोडु, वीडु (उपन्यासिका); कोत्तुमेलम, सिवाप्पु रिक्शा, अकबर शास्त्री, एरुमई पोंगल, मनिदाभिमानम, पीडी करुनई, शक्ति वैद्यम (कहानी-संग्रह); उदय सूर्यन, नालापकम् (यात्रा-वृत्तान्त)। उन्होंने विश्व साहित्य की कई कृतियों का तमिल भाषा में अनुवाद किया जिनमें स्वीडिश लेखक पार लागरक्विस्त की द ड्वार्फ और इटालियन लेखक ग्रासिया डेलेड्डा की द मदर प्रमुख हैं। शक्ति वैद्यम के लिए 1979 में उन्हें ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार से’ पुरस्कृत किया गया।
18 नवम्बर, 1982 को उनका निधन हुआ।
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