Upendra Nath Ashk

Upendra Nath Ashk

उपेन्द्रनाथ अश्क

उपेन्द्रनाथ अश्क का जन्म 14 दिसम्बर, 1910 को जालन्धर, पंजाब में हुआ था। उन्होंने जालन्धर से ही शिक्षा हासिल की। अध्यापक बने लेकिन 1933 में नौकरी छोड़ दी। जीविकोपार्जन के लिए साप्ताहिक पत्र ‘भूचाल’ का सम्पादन किया। 1936 में लॉ की डिग्री ली। ‘नीलाभ प्रकाशन गृह’ की स्थापना की। उन्होंने अपनी लेखन-यात्रा उर्दू-लेखन से शुरू की फिर हिन्दी में लिखना आरम्भ किया। नाटककार और हिन्दी सलाहकार के रूप में ऑल इंडिया रेडियो में कार्य किया। बम्बई जाकर फिल्मों के लेखन से भी जुड़े रहे।

उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘सितारों के खेल’, ‘गिरती दीवारें’, ‘गर्म राख’, ‘शहर में घूमता आईना’ (उपन्यास); ‘जुदाई की शाम के गीत’, ‘काले साहब’ (कहानी-संग्रह); ‘जय पराजय’, ‘स्वर्ग की झलक’, ‘कैद और उड़ान’, ‘अलग-अलग रास्ते’, ‘छठा बेटा’ ‘अंजो दीदी’ (नाटक); ‘नया पुराना’, ‘अन्धी गली’, ‘मुखड़ा बदल गया’, ‘चरवाहे’ (एकांकी-संग्रह); ‘मंटो मेरा दुश्मन’ (संस्मरण)।

उन्हें सन् 1972 ई. में ‘सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार’ व 1965 में ‘संगीत नाटक अकादेमी पुरस्कार’ से पुरस्कृत किया गया।

19 जनवरी, 1996 को उनका निधन हुआ।

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