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1000 Vishwa Prashnottari
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Author: Anish Bhasin
Pages: 184
Year: 2018
Binding: Hardbound
ISBN: 9788177212648
Language: Hindi
Publisher: Prabhat Prakashan
1000 विश्व प्रश्नोत्तरी
मानव जीवन का आरंभ सवालों से हुआ है। ब्रह्मांड की रचना कैसे हुई ? सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी और तारे अस्तित्व में कैसे आए ? दिन-रात कैसे होते हैं ? महासागर, महाद्वीप, देश, दनिया, आविष्कार, जीव-जंतु जगत् इत्यादि के प्रति लोगों के मन में सदैव तरह-तरह के सवाल कौंधते रहते हैं। अगर हमारे मन में सवाल नहीं उठते तो आप व हम यह नहीं जान पाते कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमता है। दरअसल, सवाल ही हमारे दिमाग की खुराक है। बच्चा जब पैदा होता है, वब अबोध होता है। बढ़ने के समय उसके मन में सवाल उठते हैं और उनके जवाब से उसका दिमाग विकसित होता है। अविकसित दिमाग मांस का एक लोथड़ा भर होता है। दिमाग के विकास के लिए सवाल करना उनका जवाब पाना बेहद जरूरी है। जेम्स वॉट की सवाल करने की स्वाभाविक प्रवृत्ति ने ही उन्हें ‘महान वैज्ञानिक’ बनाया।
सवाल दरअसल वह बीज हैं, जो मानव मस्तिष्क को वट वृक्ष सरीखा विशाल बना सकते हैं हम जितना ज्यादा सवाल करेंगे उतना ही हमारा मस्तिष्क समृद्ध होगा।
| Authors | |
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| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2018 |
| Pulisher |
अनीश भसीन
जन्म : 12 जुलाई, 1981।
शिक्षा : दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. (ऑनर्स) एवं एम.ए. (राजनीतिक शास्त्र)। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के दिल्ली केंद्र से हिंदी प्रकाशन तकनीक एवं प्रूफ रीडिंग का पाठ्यक्रम पूर्ण (प्रथम श्रेणी)।

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