-15%
Adhyapak, Adhyapan Aur Adyapak Siksha Neetiyan, Bahasen Aur Anubhav
₹399.00 ₹340.00



₹399.00 ₹340.00
₹399.00 ₹340.00
Author: Hriday Kant Dewan, Manish Jain, Manoj Kumar, Shivani Nag
Pages: 412
Year: 2020
Binding: Paperback
ISBN: 9789389563542
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
अध्यापक बनने की तैयारी और अध्यापन से जुड़े कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर केन्द्रित यह संकलन अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के सरोकारों को ज़्यादा-से-ज़्यादा लोगों के साथ साझा करने और उनके साथ निरन्तर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक शुरुआती पहल है। इस संकलन में विश्वविद्यालय द्वारा हिन्दी में आयोजित सेमिनार श्रृंखला ‘‘शिक्षा के सरोकार’’ के पहले सेमिनार में प्रस्तुत कुछ आलेखों को संकलित किया गया है। यह संकलन ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे शिक्षाकर्मियों तथा विश्वविद्यालय व अन्य संस्थानों में शोध एवं अध्ययन कर रहे अध्येताओं के बीच पारस्परिक संवाद का प्रतिफलन है।
कोशिश है कि स्कूल से सीधे जुड़े हुए लोगों के साथ काम कर रहे कार्यकर्ता अपने प्रयासों को दर्ज करें, अपने अनभवों पर मनन व चिन्तन करें तथा उन्हें ज़्यादा बारीक़ी से और व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें। अपने अनुभव का विश्लेषण कर वे अपनी सीख व समझ औरों के सामने रखें ताकि उस पर व्यापक चर्चा हो सके। सेमिनार और प्रकाशन की इस पहल क़दमी का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में नये अनुभवों से गुज़र रहे लोगों की अभिव्यक्तियों और संवेदनशीलताओं को शामिल करने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करना है।
संकलन में शामिल लेख अध्यापक शिक्षा के अलग-अलग पक्षों को उजागर करते हैं। मसलन शिक्षक बनाने के लिए किस प्रकार की आरम्भिक तैयारी अपेक्षित है, कुशल शिक्षण के लिए किस प्रकार की नियमित तैयारी की ज़रूरत है, शिक्षकों के लगातार क्षमतावर्द्धन के लिए किस प्रकार के प्रयासों की आवश्यकता है, इस दिशा में चल रहे प्रयासों के सामने किस प्रकार की चुनौतियाँ हैं आदि। संकलन में शामिल ज़्यादातर आलेखों में ठोस अनुभवों के आधार पर इन मुद्दों पर विचार करने की कोशिश है।
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2020 |
| Pulisher |
शिवानी नाग
डॉ. बी.आर. आम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली, नयी दिल्ली के स्कूल ऑफ़ एजुकेशन स्टडीज़ में सहायक प्राध्यापक हैं। वे पिछले एक दशक से शिक्षा और सामाजिक मसलों पर लेखन एवं एक्टिविज़्म से जुड़ी हुई हैं। उनके लेखन, अध्यापन और शोध के मुख्य विषय हैं : ‘क्रिटिकल और फेमिनिस्ट पेडागॉजी’ (आलोचनात्मक और नारीवादी शिक्षणशास्त्र), बहुभाषी शिक्षण, शिक्षा में हाशिये का समावेश और ज्ञान तथा सीखने के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धान्त।
ई-मेल : shivani@aud.ac.in

Reviews
There are no reviews yet.