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Description
भग्नवीणा
भग्न वीणा युगदृष्टा राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की सुभाषितों से भरी ऐसी विचारप्रधान कविताओं का संकलन जिसमें महाकवि के जीवन के उत्तरार्द्ध की दार्शनिक मानसिकता के दर्शन होते हैं। इस संग्रह में संगृहीत की गईं कविताएँ परम सत्ता के प्रति निश्चल भावना से समर्पित हैं। मनुष्य–मन की विराटता का यहाँ परिचय होता है। नई साज–सज्जा और सरल सुबोध भाषा–शैली में प्रकाशित यह कृति सभी प्रबुद्ध पाठकों के लिए पठनीय है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Pages | |
| Publishing Year | 2008 |
| Pulisher | |
| Language | Hindi |











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