Bhasha Evam Bhasha Shikshan – 3
₹395.00 ₹315.00



₹395.00 ₹315.00
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Author: Rama Kant Agnihotri
Pages: 254
Year: 2023
Binding: Paperback
ISBN: 9789357755528
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
भाषा एवं भाषा शिक्षण – 3
भारतवर्ष में, खासकर उत्तरी भारत में शिक्षकों के पढ़ने योग्य सामग्री बहुत कम है, विशेषकर हिन्दी में । भाषा और भाषा सीखने-सिखाने के क्षेत्र में तो इस तरह की सामग्री सचमुच बहुत ही सीमित है। इस शृंखला का प्रकाशन इस दिशा में एक छोटा-सा प्रयास है।
वर्ष 2014 में भाषा एवं भाषा शिक्षण खण्ड-1 का तथा वर्ष 2016 में खण्ड-2 का प्रकाशन हुआ जिसका देशभर में स्वागत हुआ। शृंखला को आगे बढ़ाते हुए भाषा एवं भाषा शिक्षण खण्ड-3 आपके समक्ष प्रस्तुत है। हम उम्मीद करते हैं इस कड़ी में नये-नये खण्ड अब जुड़ते ही जायेंगे और भारतीय शिक्षकों के पास भाषा के क्षेत्र में पढ़ने-लिखने के लिए सामग्री का भण्डार समृद्ध होता चला जायेगा।
भाषा एवं भाषा शिक्षण खण्ड-3 का यह अंक ‘लेंग्वेज एंड लेंग्वेज टीचिंग’ पत्रिका (विद्या भवन सोसायटी, उदयपुर व अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बेंगलूरु द्वारा प्रकाशित) के तीन अंकों : अंक 7-8-9 से चुनी गयी सामग्री पर आधारित है। इस पत्रिका में प्रकाशित सामग्री का सम्बन्ध किसी विशेष भाषा जैसे – अंग्रेज़ी या हिन्दी से नहीं होता। यह पत्रिका भाषा सीखने-सिखाने के मुद्दों से जुड़ी है और ये मुद्दे किसी भाषा विशेष के न होकर किसी भी भाषा के हो सकते हैं। पत्रिका उन बातों को बहुत ही सरल शब्दों में शिक्षकों के सामने प्रस्तुत करती है जो एक तरफ़ तो आधुनिक शोध से जुड़ी हैं एवं दूसरी ओर कक्षा में होने वाली भाषा शिक्षण की प्रक्रियाओं से भाषा एवं भाषा शिक्षण खण्ड-8 में भी आपको इन्हीं बातों की झलक मिलेगी । पुस्तक के सम्पादक रमा कान्त अग्निहोत्री एवं अमृत लाल खन्ना हैं जो जाने-माने भाषाविद् हैं व बच्चों के भाषा सीखने की प्रक्रिया एवं भाषा शिक्षण में विशेष रुचि रखते हैं। ये दोनों ‘लेंग्वेज एंड लेंग्वेज टीचिंग’ पत्रिका के भी मुख्य सम्पादक हैं।
| Authors | |
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| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2023 |
| Pulisher |
रमा कान्त अग्निहोत्री
दिल्ली विश्वविद्यालय से भाषाशास्त्र के प्रोफ़ेसर के पद से सेवानिवृत्त, वर्तमान में विद्या भवन सोसायटी, उदयपुर (राज.) में कार्यरत हैं। प्रायोगिक भाषाशास्त्र, शब्द-संरचना तथा सामाजिक भाषाशास्त्र जैसे विषयों को लम्बे समय से पढ़ाते रहे हैं और उनके बारे में विस्तृत लेखन किया है। प्राथमिक स्कूली शिक्षण के क्षेत्र में देश की अनेक गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ काम करते रहे हैं। प्रो. अग्निहोत्री ने देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में भाषाशास्त्र सम्बन्धी अनेक व्याख्यान दिये हैं और देश की अनेकानेक शैक्षणिक संस्थाओं से भी सम्बद्ध रहे हैं। प्रो. अग्निहोत्री एन.सी.ई.आर.टी. के भारतीय भाषाओं के शिक्षण के लिए फोकस ग्रुप के अध्यक्ष रहे हैं। डॉ. खन्ना के साथ प्रो. अग्निहोत्री सेज पब्लिकेशंस से प्रकाशित ‘रिसर्च इन एप्लाईड लिंग्विस्टिक्स’ सीरिज के सम्पादक भी हैं।

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