- Description
- Additional information
- Reviews (0)
Description
छह नम्बर जेठू
रसराज मंडल ! नन्दीग्राम में दंगा-फसाद होने से पहले ही ख़ून-हत्या, दंगों का मुहूर्त हो चुका था। उस दिन इस तरफ अजान की गूंज थी, उस तरफ़ गौरांग पूजा, उसी के बीच गोलियों और बमों की अन्धाधुन्ध बरसात, पल भर में जिसे कहते हैं, प्रलय आ गया। उसी बमबाज़ी में तो रसराज का भतीजा, अमल अपनी जान से गया। उसमें हिन्दू मरे थे, मुसलमान मरे थे। सभी लाशों की शिनाख्त भी हो गयी। उन लाशों की उनके धर्म के मुताबिक संस्कार भी हो गया।
लेकिन छह नम्बर लाश ने थाने को परेशानी में डाल दिया है, क्योंकि मृतक का नाम है-अमल कुमार मंडल ! मृतक का पिता-नकुल मंडल। पुलिसिया तफ्तीश में यह पता चला है कि मृतक का काका, रसराज मंडल ही उसका अभिभावक है।…
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2012 |
| Pulisher |











Reviews
There are no reviews yet.