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Chhattisgarh Ke Lok Aabhooshan
₹295.00 ₹225.00



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Author: Dooman Lal Dhruv
Pages: 64
Year: 2024
Binding: Hardbound
ISBN: 9789362870766
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
छत्तीसगढ़ के लोक आभूषण
आभूषण लोक संस्कृति के लोकमान्य अंग हैं। सौन्दर्य की बाहरी चमक-दमक से लेकर शील की भीतरी गुणवत्ता तक और व्यक्ति की वैयक्तिक रुचि से लेकर समाज की सांस्कृतिक चेतना तक आभूषणों का प्रभाव व्याप्त रहा है। आभूषणों के उपयोग का प्रभाव तन और मन दोनों पर पड़ता है। उनके धारण करने से शरीर का सौन्दर्य ही नहीं प्रकाशित होता, वरन स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहता है। सौन्दर्य बोध में उचित समय पर उचित आभूषण पहनने का ज्ञान सम्मिलित है। शरीर विज्ञान के आधार पर ही आभूषणों का चयन किया गया है। पायल और कड़े धारण करने से एड़ी, टखनों और पीठ के निचले भाग में दर्द नहीं होता। ज्योतिषविदों ने ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव से आभूषणों के प्रभाव का सम्बन्ध स्थापित कर एक नयी दिशा खोली है। ग्रहों के बुरे प्रभाव को निस्तेज करने के लिए निश्चित धातुओं और रत्नों का चयन और आभूषणों में उनका प्रयोग महत्त्वपूर्ण खोज है।
– पुस्तक से
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2024 |
| Pulisher |
डुमन लाल ध्रुव
जन्म : 17 सितम्बर 1974
शिक्षा : एम.ए. संगीत, संस्कृत, भारतीय कला का इतिहास एवं संस्कृति।
प्रकाशित कृतियाँ : अंजोर बाँटे के पहिली, छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक परिदृश्य, पैदल ज़िन्दगी का कवि : नारायण लाल परमार, भाषा के भोजपत्र पर विप्लव की अग्निऋचा : मुकीम भारती, अमरित बरसाइस : भगवती सेन, मेहतर राम साहू, महत्त्व : त्रिभुवन पाण्डे ( व्यक्तित्व-कृतित्व पर केन्द्रित ); सप्तपर्णी, सोनाखान का सिंह शहीद वीरनारायण सिंह, वीरांगना रानी दुर्गावती, लोक-जीवन के सन्दर्भ में, मन के पांखी (छत्तीसगढ़ी कहानी-संग्रह)।

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