Devendra Satyarthi Rachana Sanchayan

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Devendra Satyarthi Rachana Sanchayan

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400.00 390.00

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Author: Prakash Manu

Availability: 5 in stock

Pages: 403

Year: 2023

Binding: Paperback

ISBN: 9789355484475

Language: Hindi

Publisher: Sahitya Academy

Description

देवेंद्र सत्यार्थी रचना संचयन

देवेंद्र सत्यार्थी (1908-2003) लोक साहित्य के दरवेश हैं, जिन्होंने दशकों पहले लोकगीतों की खोज में इस महादेश का चप्पा-चप्पा छान मारा था। लोकगीतों में उन्हें धरती का सच्चा दर्द और आवाज़ें सुनाई पड़ती थीं। सुप्रसिद्ध चिंतक और भाषाविज्ञानी सुनीतिकुमार चटर्जी देवेंद्र सत्यार्थी के इस ऐतिहासिक महत्व के काम और फक्कड़ व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हुए। भावविभोर होकर सत्यार्थी जी का अभिनंदन करते हुए उन्होंने कहा कि “सत्यार्थी जी आदि से अंत तक एक चिंतनशील और अग्रगामी संस्कृति-दूत के रूप में सदैव हमारी भाषाओं की रंगभूमि पर खड़े रहेंगे।”

देवेंद्र सत्यार्थी की अधक लोक यात्राओं ने ही उन्हें कथाकार बनाया। उन्होंने कहानी, रेखाचित्र, संस्मरण, उपन्यास, कविता—सभी में हाथ आजमाया और, खासकर उनके कथा साहित्य की खासी धूम रही। उस ज़माने में उर्दू में मंटो, बेदी, कृष्ण चंदर और इस्मत चुगताई के साथ सत्यार्थी जी की कहानियाँ खूब धज के साथ छपती थीं और ज़ोरों से उनकी चर्चा होती थी। एक बेहतरीन कथाकार के बावजूद सत्यार्थी जी हृदय से कवि हैं। साहिर ने सत्यार्थी जी की कविताओं को हिंदी में अपने ढंग की सिरमौर कविताएँ कहा था। महात्मा गाँधी, रवीन्द्रनाथ ठाकुर, नंदलाल बोस, पाब्लो नेरूदा आदि कई ख्याति प्राप्त व्यक्तित्वों के निकट संपर्क में रहे सत्यार्थी जी ने इन पर अनूठे रेखाचित्र भी लिखे हैं। इन सब के साथ इनका पत्र-व्यवहार भी ऐतिहासिक महत्व का है। हिंदी में लोकगीतों का उनका पहला संग्रह ‘धरती गाती है’ 1948 में प्रकाशित हुआ था, जबकि पंजाबी लोकगीतों का संकलन ‘गिद्धा’ 1936 में ही निकल चुका था। चार लोकगीत-संग्रहों के अलावा इनकी प्रमुख पुस्तकें हैं- ‘चढ़ान से पूछ लो’, ‘चाय का रंग’, ‘घूंघट में गौरी जले’ (कहानी-संग्रह), ‘रेखाएँ बोल उठीं’, ‘क्या गौरी क्या साँवरी’, ‘कला के हस्ताक्षर’ (निबंध और रेखाचित्र), ‘रथ के पहिए’, ‘कठपुतली’, ‘कथा कहो उर्वशी’, ‘तेरी क़सम सतलुज’, ‘घोड़ा बादशाह’ (उपन्यास), ‘चाँद सूरज के बीरा’ (आत्मकथा) आदि। ऐसे बहुआयामी लेखक देवेंद्र सत्यार्थी की रचनाओं का यह संचयन साहित्य प्रेमियों को रुचेगा, ऐसा विश्वास है।

  • भूमिका
  • लोक निबंध
  • कहानी
  • कविता
  • संस्मरण
  • रेखाचित्र
  • यात्र-वृत्तांत
  • आत्मकथा

Additional information

Authors

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Paperback

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Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2023

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