Harishankar Parsai : Vyangya Ki Vaicharik Prishthbhoomi

-25%

Harishankar Parsai : Vyangya Ki Vaicharik Prishthbhoomi

Harishankar Parsai : Vyangya Ki Vaicharik Prishthbhoomi

495.00 372.00

In stock

495.00 372.00

Author: Radhe Mohan Sharma

Availability: 5 in stock

Pages: 96

Year: 2025

Binding: Paperback

ISBN: 9789349159167

Language: Hindi

Publisher: Radhakrishna Prakashan

Description

हरिशंकर परसाई : व्यंग्य की वैचारिक पृष्ठभूमि

हरिशंकर परसाई सही मायनों में व्यंग्य-लेखन में ‘मास्टर माइंड’ हैं। एक ऐसे लौह-लेखक जिनके कारण ही व्यंग्य एक विधा के रूप में स्थापित हो सका ।

प्रो. राधेमोहन शर्मा ने अपने लघु शोध-प्रबन्ध में विस्तार से विवेचन-विश्लेषण कर हिंदी गद्य साहित्य में परसाई की शिखर-स्थिति को रेखांकित किया है। व्यंग्य के स्वरूप और प्रकार, युग की बात युग के लिए, व्यक्तित्व की पहचान जैसे विश्लेषणों में परसाई के व्यंग्य की समग्रता को समेटा गया है।

हरिशंकर परसाई के पाठकों, छात्रों, अध्यापकों, शोधार्थियों के लिए यह पुस्तक उन्हें गहरे तक समझने के लिए श्रेष्ठ मार्गदर्शक है।

Additional information

Authors

Binding

Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2025

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Harishankar Parsai : Vyangya Ki Vaicharik Prishthbhoomi”

You've just added this product to the cart: