Khalal

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450.00 320.00

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Author: Santosh Dixit

Availability: 5 in stock

Pages: 360

Year: 2025

Binding: Paperback

ISBN: 9789362016089

Language: Hindi

Publisher: Setu Prakashan

Description

खलल

संतोष दीक्षित की गिनती हिन्दी के उन समकालीन कथाकारों में होती है जो हमारे समय और समाज के यथार्थ से सीधी मुठभेड़ करते हैं। उनका नया उपन्यास खलल उनको इस खूबों और पहचान की नये सिरे से पुष्टि करता है। मुर्तियाचक नामक एक इलाका उपन्यास की कथाभूमि है। लेकिन किसी आंचलिक सम्मोहन में बंधने या बाँधने के बजाय यह उपन्यास आज की एक विकट समस्या की शिनाख्त करता है। मुर्तियाचक धार्मिक लिहाज से मिश्रित आबादी वाला इलाका है, यहाँ पीढ़ियों से हिन्दू भी रहते हैं और मुसलमान भी, और उनके बीच मजबूत भाईचारा है। लेकिन राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित तत्त्व इस सौहार्द को बिगाड़ने पर तुले रहते हैं। उपन्यास इस साजिश को बेपर्दा करने के साथ ही सियासत और पूँजी के गठजोड़ को भी उजागर करता है। गरीबों को विस्थापित कर बड़ी-बड़ी कम्पनियाँ होटल, मॉल तथा कारीडोर बनाना चाहती हैं और जैसे-जैसे उपन्यास आगे बढ़ता है, हम देखते हैं कि भाई-चारा बिगाड़ने में लगी ताकतें किस तरह बाजारवाद के न्यस्त स्वार्थ साधने में सहायक बनी हुई हैं। गरीबों को यह सब्जबाग दिखाया जाता है कि उन्हें उनकी जमीन के बदले आकर्षक मुआवजा तो मिलेगा ही, कम्पनियों में नौकरी भी मिलेगी। लेकिन ये सारे आश्वासन एक दिन छलावा साबित होते हैं। इस तरह यह उपन्यास दोहरे विस्थापन की दास्तान पेश करता है जिसमें लोग अपनी जमीन जायदाद भी गंवा बैठते हैं और आपसी सौहार्द भी। उपर्युक्त त्रासदी को परत दर परत कथा-विन्यस्त करते हुए यह उपन्यास अपनी पठनीयता में भी वृद्धि करता जाता है।

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Paperback

Language

Hindi

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Publishing Year

2025

Pulisher

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