Kumbhipak

-25%

Kumbhipak

Kumbhipak

199.00 149.00

In stock

199.00 149.00

Author: Nagarjun

Availability: 5 in stock

Pages: 140

Year: 2024

Binding: Paperback

ISBN: 9788126713318

Language: Hindi

Publisher: Rajkamal Prakashan

Description

कुम्भीपाक

कुम्भीपाक नामक नरक की रचना जिन जीवन-स्थितियों से हुई होगी, नागार्जुन का यह उपन्यास उन्हीं के शब्दांकन का परिणाम है। एक ही मकान में रहनेवाले छः किरायेदारो की जीवनचर्या पर केन्द्रित यह उपन्यास हमारे ‘विकासमान’ नागर-जीवन के जिस सामाजिक यथार्थ की परतें खोलता है, प्रकारांतर से वह समूचे भारतीय जीवन का यथार्थ है, क्योंकि स्त्री के प्रति पदार्थवादी नजरिये की कहीं कोई कमी नहीं। आर्थिक अभावों में पिसती अनेकानेक निर्दोष जिवानेच्छाएं किस प्रकार भोगवाद की भट्टी में झोंक दी जाती हैं, उनकी पीड़ा और मुक्तिकामी छटपटाहट को नागार्जुन ने गहरी आत्मीयता से उकेरा है। साथ ही, नागार्जुन यहाँ उस दृष्टि को प्रस्थापित करते हैं जो स्त्री की सामाजिक भूमिका और मानवीय गरिमा के प्रति सचेत है।

Additional information

Authors

Binding

Paperback

ISBN

Pages

Publishing Year

2024

Pulisher

Language

Hindi

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Kumbhipak”

You've just added this product to the cart: