Kumkum

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Author: Gurudutt

Availability: 9 in stock

Pages: 216

Year: 2015

Binding: Hardbound

ISBN: 8188388850

Language: Hindi

Publisher: Hindi Sahitya Sadan

Description

कुमकुम

कुमकुम उसने एक कहारिन की कोख से जन्म लिया था। उसे राजाओं के ज़माने के सुख मिलने लगे थे। एक विद्वान गुरु से उसे गहन गंभीर शिक्षा पाने का अवसर प्राप्त हुआ था। भगवान ने उसे रूप-रंग भी अप्सरा का-सा दिया। नारी से विरक्त बौद्ध महाप्रभु तक उस पर मुग्ध रह गए। लेकिन वह तो इतिहास का कलंक होने का कर्म-फल लेकर बड़ी हुई थी ! क्या वह अपना कलंक धो सकी ?

श्री गुरुदत्त का यह हिन्दी उपन्यास इतिहास की एक लुका-छिपी कहानी पर से पर्दा उठाता है।

इसी उपन्यास में से –

कुमार ! मैं समझता हूँ कि तुम्हारा सम्मतिदाता कोई बहुत ही कम शिक्षित तथा अल्पबुद्धि का स्वामी है। वह यह भी नहीं जानता कि राज्य क्या है और राजा का कर्तव्य क्या है।

राज्य एक ऐसा संस्थान है जो दुष्टों से भले लोगों की रक्षा करता है। जो राजा यह न कर सके वह राज्य का अधिकारी नहीं। उसे सत्ताहीन करना ही धर्म है।

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Authors

Binding

Hardbound

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Language

Hindi

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Publishing Year

2015

Pulisher

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