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Kunti
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Author: Narendra Kohli
Pages: 416
Year: 2020
Binding: Paperback
ISBN: 9789350723517
Language: Hindi
Publisher: Vani Prakashan
कुन्ती
वेद कहते हैं कि अनस्तित्व में से अस्तित्व का जन्म नहीं होता। जो नहीं है, वह हो नहीं सकता। किसी का जन्म नहीं होता। कुछ उत्पन्न नहीं होता। स्रष्टा और सृष्टि दो समानान्तर रेखाएँ हैं, जिनका न कहीं आदि है न अन्त। वे दोनों रेखाएँ समानान्तर चलती हैं। ईश्वर नित्य क्रियाशील विधाता है। जिसकी शक्ति से प्रलयपयोधि में नित्यशः एक के बाद एक ब्रह्माण्ड का सृजन होता रहता है। वे कुछ काल तक गतिमान रहते हैं और उसके पश्चात् विनष्ट कर दिए जाते हैं। सूर्य चन्द्रमसौ धाता यथापूर्वम् अकल्पयत्। इस सूर्य और इस चन्द्रमा को भी पिछले चन्द्रमा के समान निर्मित किया गया।…तो यह जन्म लेने से पहले, इस शरीर को धारण करने से पहले भी तो कुन्ती कुछ रही होगी, कोई रही होगी। कौन थी वह ?…
| Authors | |
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| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2020 |
| Pulisher |
नरेन्द्र कोहली
जन्म : 1940
जन्मस्थान : स्यालकोट, पंजाब।
समकालीन हिन्दी साहित्य के प्रख्यात लेखक नरेन्द्र कोहली का जन्म 1940 में स्यालकोट, पंजाब (अब पाकिस्तान में) हुआ। बी.ए. आनर्स (हिन्दी) बिहार में किया। बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से हिन्दी साहित्य में एम.ए. और पीएच.डी. की। दिल्ली के पी.जी.डी.ए.वी. (सान्ध्य) कॉलेज से नौकरी शुरू करके 1965 में मोतीलाल नेहरू कॉलेज में पहुँच गए और यहीं से स्वैच्छिक अवकाश प्राप्त कर लिया

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