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Description
मन्थर होती प्रार्थना
सुदीप सोहनी का यह पहला कविता संग्रह मन्थर होती प्रार्थना उस भाव के रचनात्मक संवेदना में रूपायित होते रहने का उपक्रम है। सुदीप की कविताओं में परस्पर संवाद की दुर्लभ प्रवृति है जो लघुतम से वृहत्तर के हर रूप को सम्बोधित भी होती है और उनके स्वर को अपने गान में घुलने देने को समर्पित भी होती है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2023 |
| Pulisher | |
| Binding | Paperback |











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