Mere Desh Ki Mitti Ahaa

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Mere Desh Ki Mitti Ahaa

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275.00 270.00

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Author: Mridula Garg

Availability: 5 in stock

Pages: 110

Year: 2008

Binding: Paperback

ISBN: 9788121401005

Language: Hindi

Publisher: National Publishing House

Description

मेरे देश की मिट्टी अहा

‘मेरे देश की मिट्टी अहा’ कहानी एक ऐसी लडकी की कहानी है जो अपने गाव तथा समाज म सदियों से चली आ रही परम्परा का विद्रोह करती है। लल्ली’ खेड़ी गांव में अपनी दादी के साथ रहती है। उसकी दादी अपना और अपनी पोती का भरण पोषण करने के लिए मिट्टी के खिलौने बेचा करती है। दादी की मृत्यु के पश्चात् लल्ली के एक दूर के रिश्तेदार उसे अपने साथ गुड़गांव ले जाते हैं तथा उसका एक स्कूल में दाखिला करवा देते हैं। जिस वर्ष लल्ली बारहवीं पास करती है, उसी वर्ष उसके ताऊ की ब्याहता बेटी का देहांत हो जाता है। बेटी के बच्चों को सौतेली माँ के सहारे न रहना पड़े, इसलिए वह बेटी की तेरहवीं होने के उपरांत ही लल्ली का विवाह पैंतालीस वर्षीय अपने दामाद से तय कर देते हैं।

लल्ली का भावी पति हवलदार था। गुड़गांव में तबादला होते ही जीजा ससुराल में रहने लगा और लल्ली के सामने मुजरिमों की पिटाई आदि बातें किया करता जिसे सुन लल्ली बेहोश हो जाया करती। इसकी फिक्र किसी को थी। जीजा के खौफ से लल्ली एक मुसलमान लड़के के साथ भागकर विवाह कर नहीं लेती है। पति के साथ अपने ससुराल खेड़ी गांव आती है और पति की पहली बीवी की मृत्यु के बाद सास-ससुर के साथ गांव रहने लगती है।

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Authors

Binding

Paperback

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2008

Pulisher

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