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Description
नानूराम संस्कर्ता
नानूराम संस्कर्ता (1916–2003) : राजस्थानी भाषा के पुरोधा साहित्यकार। हिंदी में भी प्रचुर लेखन। आजीवन ग्राम कालू में रहकर साहित्य साधना की। मरु प्रकृति और लोक संस्कृति के कुशल चितेरे। लोक साहित्य के संकलन-संपादन का यशस्वी कार्य। राजस्थानी की आधुनिक कहानी के प्रारंभिक दौर के प्रमुख कहानीकार। रूठी, दस देवख, घर की गाय, घर की रेल और बात वेदण कहानी-संग्रह प्रकाशित। प्रकृति काव्य कळायण खूब चर्चित हुआ। दस देव, दस दात, गीतमाळा सहित दर्जन भर कविता-संग्रह प्रकाशित। गाँव-गिंगरथ और खड़े रपट के माध्यम से अपने अंचल के इतिहास और परिवेश का सांगोपांग वर्णन। हिंदी में दर्जन भर किताबें प्रकाशित। राजस्थान का लोक साहित्य ग्रंथ देश के कई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल।
अनुक्रम
प्रसंगवश — 7
- नानूराम संस्कर्ता : व्यक्तित्व और कृतित्व — 9
- लोक के आलोक से आखर-उजास — 16
- कविता में मरु प्रकृति और लोक संस्कृति की गूँज — 20
- आधुनिक राजस्थानी कहानी के अग्रवीण — 31
- कथेतर गद्य और बाल साहित्य — 36
- हिंदी साहित्य का समृद्ध संसार — 40
- भाषा और शिल्प सौंदर्य — 44
- शब्द साधना के पाँच चित्र — 47
- नानूराम संस्कर्ता का सृजन-संसार : एक विहंगम अवलोकन — 50
- चयनित काव्य रचनाएँ — 54
परिशिष्ट — 67
संदर्भ ग्रंथ — 71
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2024 |
| Pulisher |











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