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Poorvi Uttar Pradesh Ki Bhautik Sanskriti
₹600.00 ₹510.00



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Author: Rambihari Upadhyay
Pages: 204
Year: 2020
Binding: Hardbound
ISBN: 9789389742138
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
पूर्वी उत्तर प्रदेश की भौतिक संस्कृति
‘पूर्वी उत्तर प्रदेश की भौतिक संस्कृति’ (प्रागैतिहासिक युग से उत्तर मुगल युग तक) नामक कृति एक साधक अध्येता की अनुसन्धान-यात्रा की फलश्रुति है। प्रागैतिहासिक युग से लेकर लगभग अट्ठारहवीं शती ई. तक मानव अधिवास के प्राचीन क्षेत्र वर्तमान पूर्वी उत्तर प्रदेश की भौतिक संस्कृति के विविध पक्षों के साहित्यिक एवं पुरातात्विक स्रोतों के आधार पर रूपायित करने का श्लाघनीय प्रयास किया है। बुद्ध पूर्वकाल के षोडस महाजनपदों में प्रमुख काशी, कोशल, वत्स का यह क्षेत्र राजनीतिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से भारतीय भूभाग का केन्द्रीय अधिभाग रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्राचीन इतिहास गौरवास्पद रहा है। यह कृति अपनी परिकल्पना तथा प्रस्तुति की दृष्टि से अभिनन्दनीय है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे प्राचीन समृद्ध क्षेत्र के सुदीर्घ कालखण्ड को समवेत रूप से जहाँ एक और धर्म, समाज, राज्य, राज्यादर्श, नगर प्रशासन भौतिक प्रगति के व्यापार, शिल्प, संगठन एवं शिक्षा को प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र की वन सम्पदा के आधार पर पर्यावरणीय महत्त्व को भी नवीन अध्येताओं की दृष्टि से उपयोगी बनाया गया है। इस प्रकार ग्रन्थ की संयोजना, विषयगत प्रस्तुति स्त्रोतों की गवेषणा के साथ भौतिक संस्कृति के विविध आयामों की शोधपरक प्रस्तुति में लेखक को सफलता प्राप्त हुई है। यह कृति ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन में उपयोगी तथा पठनीय है।
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2020 |
| Pulisher |
डॉ. रामबिहारी उपाध्याय
जन्म : 2-7-1956 ई.।
शिक्षा : एम.ए., पी-एच.डी.।
अध्यापन : 10 वर्ष तक स्नातक तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं में।
पुरस्कार : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और भारतीय इतिहास अनुसन्धान परिषद, नई दिल्ली भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत कोशल, अवध, पूर्वी उत्तर प्रदेश का इतिहास, पुरातत्त्व एवं संस्कृति, कोशल का पुरातत्त्व, कोशल में सामाजिक परिवर्तन और उत्तर भारत का पुराजैव पर्यावरण जैसी शोध परियोजनाओं पर राष्ट्रीय पुरस्कार।
साहित्य सेवा : 38 वर्षों से देश के विभिन्न पत्र पत्रिकाओ में शोधात्मक लेख प्रकाशित।
सम्प्रति : 14 वर्षों से अध्यक्ष, कोशल शोध संस्थान, बराँव, जनपद-अम्बेदकरनगर उ.प्र.।

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