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Description
रंग तेरा मेरा आगे
“बेहिसाब मज़हबी नफ़रत और हिंसा के इस दौर में जब प्रेम जैसी कोमल भावनाओं को भी जिहाद में तब्दील कर दिया जा रहा है, तब `कैलाश बनवासी` के इस नये उपन्यास `रंग तेरा मेरे आगे` में आद्योपांत प्रवाहित अयाचित और अपरिभाषित प्रेम का व्यक्तित्व के पोर-पोर में प्रस्फुटित हो उठने का अहसास अत्यंत कोमल और मर्मस्पर्शी और अप्रत्याशित है।…”
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2022 |
| Pulisher |











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