Saraladas Ke Shreshtha Kavyakriti
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सारलादास की श्रेष्ठ काव्यकृति
सारला दास (पंद्रहवीं शताब्दी) ओड़िया भाषा के आदिकवि हैं। उनके द्वारा रचित ‘महाभारत’ ओड़िया साहित्य का आद्य अभिव्यक्ति, आदि ओड़िया का आदि महाकाव्य है। व्यास द्वारा रचित संस्कृत ‘महाभारत’ का ओड़िया संस्करण है ‘सारला महाभारत’। पंद्रहवीं शताब्दी के उड़ीसा के सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक, ऐतिहासिक, भौगोलिक, आर्थिक एवं धार्मिक पृष्ठभूमि में यह ‘महाभारत’ एक प्रकार से पुनसृजन है। संपादक डॉ. नीलाद्रि भूषण हरिचंदन (1946) विश्वभारती विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर रहे हैं। कवि, नाट्यकार एवं समालोचक रूप में प्रसिद्ध हैं। अनुवादक हरिश्चंद्र मिश्र विश्वभारती शांतिनिकेतन के हिंदी विभाग में 1982 से अध्यापन कार्य करने के उपरांत अब सेवानिवृत्त। अध्यापन कार्य के साथ ही आलोचनात्मक लेखन तथा अनुवाद कार्य भी। आठ मूल ग्रंथों का प्रणयन।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| ISBN | |
| Pages | |
| Publishing Year | 2024 |
| Pulisher |











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