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Description
श्री दुर्गा रहस्य
और
दुर्गा उपासना पद्धति
(प्राण प्रतिष्ठा विधि सहित)
नहिं दुर्गा समः पूजा, नहिं समो जपः।
नहिं दुर्गा समं ज्ञानं, नहिं समं तपः।।
दुर्गा पूजा के समान अन्य कोई पूजा नहीं है। दुर्गा के मन्त्र के जप के समान कोई अन्य जप नहीं है। दुर्गा के समान कोई अन्य ज्ञान नहीं है और दुर्गा देवी के किये गये तप के समान अन्य कोई तप नहीं है अर्थात् दुर्गा का नाम सर्वश्रेष्ठ है और उसके लिए किया गया प्रत्येक जप, तप तथा पूजन भी सर्वश्रेष्ठ है।
(मुण्डमाला तन्त्र)
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2013 |
| Pulisher |











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