- Description
- Additional information
- Reviews (0)
Description
सिसृक्षा का तत्व दर्शन
मुकुन्द लाठ के अलावा यशदेव शल्य ने हिन्दी में मौलिक और दार्शनिक चिन्तन किया है। इन दोनों के बीच लम्बे अरसे तक बौद्धिक साहचर्य और संवाद रहा। उनके कुछ रुझानों और वैचारिक सरोकारों में साझेदारी भी रही है। यशदेव शल्य जैसे बड़े दार्शनिक पर मुकुन्द जी की यह पुस्तक दोनों के बीच अनवरत चलते रहे संवाद का मूल्यवान् प्रतिफल है। रज़ा फ़ाउण्डेशन इस पुस्तक को प्रकाशित कर प्रसन्नता अनुभव कर रहा है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2023 |
| Pulisher |











Reviews
There are no reviews yet.