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Description
स्त्री जातक फल
स्त्री जीवन के संपूर्ण पहलुओं को उजागर करती एक प्रामाणिक पुस्तक भारतीय ज्योतिष शास्त्र में स्त्री जातकों के लिए बहुत कम अर्थात् न के बराबर लिखा गया है। ऐसा क्यों हुआ, इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता, संभवतया स्त्री का समाज में स्थान इसका कारण रहा हो। अभी भी कई प्रदेशों-क्षेत्रों में बालिकाओं की कुंडली नहीं बनाई जाती। लेकिन बदलते सामाजिक परिवेश में जब स्त्री ने अपनी स्वतंत्र पहचान बना ली है, ज्योतिष के क्षेत्र में ‘स्त्री जातक’ पर अलग से विचार करना आवश्यक हो गया है। यह पुस्तक कुछ ऐसा ही प्रयास है।
ग्रह, नक्षत्र आदि स्त्री जातक के जीवन पर कब और कैसा प्रभाव डालते हैं-इन सभी का उल्लेख इस पुस्तक में विशेष रूप से किया गया है। रोग, स्वास्थ्य, मैत्री, प्रेम, विवाह, संतान एवं दाम्पत्य जीवन की जटिलताओं का ज्ञान प्रदान करने वाली यह पुस्तक स्त्री के संपूर्ण जीवन को प्रकाशित करती है।
जन्म के समय सूर्य, चंद्र आदि ग्रह किस राशि में स्थित थे, राशि का विस्तार, राशि के अंतर्गत आने वाले नक्षत्र चरण, राशि की प्रकृति और स्वभाव अर्थात् स्त्री जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं, जिस पर इस पुस्तक में प्रकाश न डाला गया हो।
ज्योतिष प्रेमियों के लिए संग्रह करने योग्य पुस्तक।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2019 |
| Pulisher |











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