-24%
Udar Islam Ka Soophi Chehara
₹450.00 ₹340.00



₹450.00 ₹340.00
₹450.00 ₹340.00
Author: Kanhaiya Singh
Pages: 108
Year: 2016
Binding: Hardbound
ISBN: 9789352210824
Language: Hindi
Publisher: Lokbharti Prakashan
उदार इस्लाम का सूफी चेहरा
सूफियों का प्रेम-दर्शन मानवीय प्रेम से लेकर ईश्वरीय प्रेम तक प्रसार पाता है। जायसी के अनुसार ‘मानुस प्रेम भएउ बैकुण्ठी। नाहित काह छार एक मूठी।’ इस उदात्त प्रेम और उसकी आभा से आलोकित इन कवियों की प्रेम गाथाओं का मर्म समझने के लिए उनके सिद्धांतो के क्रमिक विकास और उनकी सैद्धांतिक प्रेम-दृष्टि को समझना आवश्यक होता है।
इस पुस्तक में सूफी-दर्शन का क्रमिक विकास दिखाया गया है। इस क्रम में देखा गया है कि सूफी दर्शन (तसव्वुफ़) पर भारतीय वेदांत दर्शन का प्रभाव है। मुसूर-अल-इलाज, इब्बुल अरबी, अब्दुल करीम-अल-जिली के विचार तो पुर्णतः वेदांत सम्मन थे। इसे उनके कथनों के उद्वरण द्वारा प्रतिपादित किया गया है। अहं ब्रह्मास्मि के वेदान्तिक सूत्र का अनुवाद ही अनलहक है। ईश्वर-जीव की एकता के सिद्धांत की सूफियों ने ‘वह्द्तुल वजूद’ कहा था। इसका विरोधकर परवर्ती सूफियों ने ‘वह्द्तुलशहूद’ का सिद्धांत प्रतिपादित किया। यह एक रोचक अध्ययन इस पुस्तक में सर्वप्रथम मूल स्रोतों के आधार पर प्रस्तुत हुआ है। साथ ही ‘सूफीमत’ के सिद्दांतो, सम्प्रदायों तथा विशेषताओं को हिंदी के सूफी कवियों के उद्वारणों के साथ प्रस्तुत किया गया है। ‘सूफीमत’ को समझने के लिए यह पुस्तक विद्वानों और विद्यार्थियों दोनों के लिए उपयोगी है।
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2016 |
| Pulisher |
कन्हैया सिंह
प्रमुख भारतीय साहित्यकार डॉ. कन्हैया सिंह पाठ-सम्पादन एवं सूफ़ी काव्य के अधिकृत विद्वान् के रूप में हिन्दी जगत् में सुपरिचित हैं।
आजमगढ़ जनपद में जन्में डॉ. कन्हैया सिंह एम.ए., एल.एल-बी., पी–एच-डी., डी-लिट् की उपाधि प्राप्त हैं।
विधि प्रवक्ता के रूप में इन्होंने अपने अध्यापकीय जीवन का प्रारम्भ करते हुए हिन्दी के प्रवक्ता-रीडर अध्यक्ष, प्राचार्य, कार्यकारी अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, आदि दायित्वों का निर्वहन किया। इनकी चर्चित पुस्तकों में-सूफ़ी काव्य : सांस्कृतिक अनुशीलन, युगद्रष्टा मलिक मुहम्मद जायसी, सूफ़ीमत, हिन्दी सूफ़ी काव्य में हिन्दू संस्कृति, उदार इस्लाम का सूफ़ी चेहरा, पाठसम्पादन के

Reviews
There are no reviews yet.