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Description
विद्यालय में समाज
सामाजिक स्तर को ऊँचा उठाने में विद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण है। यहाँ विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल आदि का विकास होता है जिससे वे सामाजिक कार्यकलापों में अपना विशिष्ट योगदान दे पाते हैं। भारत में शिक्षा से संबंधित नीतियों और सिद्धांतों में विद्यालयों के माध्यम से ही बदलाव लाया जा सकता है। विद्यालय के भीतर और बाहर विद्यार्थियों के सीखने और सिखाने की प्रक्रिया की पड़ताल करते हुए अनेक आधारभूत तथ्यों को पुस्तक में समाहित किया गया है। कक्षागत अंतःक्रियाओं के माध्यम से सामाजिक संरचना को सुदृढ़ करना एवं सामाजिक सच्चाइयों को प्रत्यक्षीकृत करना संभव है। विद्यालय में विद्यार्थियों को स्वयं के अनुभवों व विचारों को व्यक्त करने का अवसर दिया जाना सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने में सकारात्मक भूमिका निभाता है। ऋषभ कुमार मिश्र डॉ. बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली के शिक्षा संकाय में सहायक प्रोफेसर हैं। इसके पूर्व इन्होंने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में अध्यापन किया है। वे शिक्षा और समाज से जुड़े विषयों पर लेखन में सक्रिय हैं। इन्होंने केंद्रीय शिक्षा संस्थान, शिक्षा विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय से ‘बच्चों की सामाजिक विज्ञान की समझ’ विषय पर शोध कार्य किया है। वे वर्तमान में सेवाग्राम में संचालित बुनियादी शिक्षा के प्रयोगों का भी अध्ययन कर रहे हैं।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2023 |
| Pulisher |











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