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Description
यात्रा चक्र
यशस्वी कवि कथाकार धर्मवीर भारती की प्रत्येक कृति का प्रकाशन हिन्दी साहित्य की एक प्रीतिकर घटना बन जाती है। निस्सन्देह यात्रा-चक्र को भी इसी रूप में माना-देखा जायेगा।
यात्रा-चक्र के बारे में वैसे तो इतना ही कहना काफ़ी है कि यह भारती जी का यात्रा का वृत्तान्त है—बिल्कुल निस्संग लेकिन बेहद आत्मीय। साथ ही भरपूर रोमांचक कि सम्पूर्ण यात्रा-चक्र आपके मन में एक छन्द बनकर बहुत-बहुत देर गूँजता रचा-बसा रहे…
जर्मनी, इंग्लैंड, इंडोनेशिया, चीन, बांगलादेश, मारिशस की अद्भुत पारदर्शी और सार्थक अनुभूतियों से साक्षात्कार कराने वाली यह पुस्तक हिन्दी के यात्रा-साहित्य में निश्चित रूप से अद्वितीय है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2025 |
| Pulisher |











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