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Description
ये कोठेवालियाँ
आज के भारतीय समाज में वेश्याओं के जीवन का हिंदी या किसी भी अन्य भारतीय भाषा में, यह पहला विश्लेष्णात्मक अध्ययन है। श्री अमृतलाल नागर ने बहुत समीप से और बहुत ही सहानुभूति से इस जीवन को देखा है, जिसे आमतौर पर रंगीन और ऐयाशी से पूर्ण समझा जाता है, लेकिन जो संघर्ष और निराशाओं से वैसे ही भरा है, जैसे कि अन्य सामान्य जीवन।
इस अध्ययन में किसी उपन्यास से भी अधिक रोचकता है और सत्य पर आधारित होने के कारण इसकी प्रमाणिकता अद्धितीय है। भारतीय समाज के अध्येताओं और नेताओं के लिए यह पुस्तक अत्यंत महत्व की सिद्ध होगी।
Additional information
| Weight | 0.5 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21 × 14 × 4 cm |
| Authors | |
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2019 |
| Pulisher |











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