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Yogavashistha Maharamayana
₹400.00 ₹399.00



₹400.00 ₹399.00
₹400.00 ₹399.00
Author: Nandlal Dashora
Pages: 432
Year: 2015
Binding: Paperback
ISBN: 0
Language: Hindi
Publisher: Randhir Prakashan
योगवाशिष्ठ महारामायण
ज्ञानियों के शिरोमणि वशिष्ठ जी ने जो ज्ञान अपने पिता ब्रह्मा से प्राप्त किया था वह उन्होंने भगवान राम को दिया। इसी वशिष्ठ और राम के संवाद के ज्ञान का संग्रह महर्षि बाल्मीकि ने जन कल्याण के लिए किया था। यह अद्भुत ग्रन्थ भारतीय चिन्तन का प्रतिनिधि ग्रन्थ है। आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए इस ग्रन्थ को पढ़ने के बाद अन्य किसी ग्रन्थ को पढ़ने की आवश्यकता नहीं रहती।
यह ग्रन्थ सब दुःखों का क्षय करने वाला, मन को अत्यन्त आश्वासन देने वाला और महाआनन्द प्राप्ति का एकमात्र साधन है। जो इसका नित्य श्रवण करता है उस प्रकाशमयी बुद्धि वाले को बोध से भी परे का बोध हो जाता है; इसमें कुछ भी संशय नहीं है।
– योग वाशिष्ठ
| Authors | |
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| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2015 |
| Pulisher |

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