Buri Aurat Ki Pahali Katha

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Buri Aurat Ki Pahali Katha

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225.00 170.00

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Author: Kishwar Nahid

Availability: 5 in stock

Pages: 140

Year: 2026

Binding: Paperback

ISBN: 9789373482071

Language: Hindi

Publisher: Vani Prakashan

Description

बुरी औरत की पहली कथा

शाइरी ने मुझे बहुत दुःख दिये। शाइरी छोड़ देती तो शायद नेक परवीन बीवी मान ली जाती। ख़िदमतगुज़ार माँ का सम्मान मिलता, बहन-भाइयों से और क़ुर्बत होती, दुनिया को कम समझ पाती, सच कम बोल सकती, कम दुश्मन बना पाती और तन्हा रहने में कम ख़ुशी महसूस करती।

मगर शाइरी ने मुझे बहुत सुख दिये। पूरा मुल्क और पूरी दुनिया मुझे अपना मायका लगता है। इतने दोस्त और इतने चाहने वाले दिये कि मुहब्बत की गर्मी मुझे अनथक काम करने पर माइल रखती है। शाइरी ने इतना अपनापन दिया कि सम्बन्धों के सारे रिश्तों की चादर मेरे सर पर तनी है।

रेडियो पर स्टूडेंट्स के प्रोग्राम में प्रोड्यूसर ने ग़ज़ल पढ़वा ली। घर तक छोड़ने आये, ताल्लुक़ बनाने पे तुल गये। अफ़्सर से बात कर ली। अफ़्सर और ज़माने, दोनों ने उसको ताल्लुक़ समझ लिया। किसी खाने पे किसी से बेतकल्लुफ़ी में बात कर ली अगले दिन बंदा हाज़िर, कल फ़ोन पे बात हुई, मिलने को जी चाहा और इसमें तख़सीस क्या…टेलीफ़ोन टेक्नीशियन से लेकर साहिबाने-इल्मो-करामात तक दुआओं का वह ढंग कि जिसमें औरत की कमर तक हाथ जाता हो,सुर्मा लगी आंखों से अहवाल टपकाये जाता हो कि बहुत पहुँचे हुए बुज़ुर्ग हैं।

– किताब से

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Paperback

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2026

Pulisher

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