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Description
एक पेंच और
मनोहर श्याम जोशी साहित्य को गढ़ने के अति कुशल शिल्पकार हैं चाहे सामाजिक हो, समस्यामूलक हो या काल्पनिक। ‘एक पेंच और’ नामक कृति इस कथन का साक्ष्य है। यह कृति पूर्णरूपेण काल्पनिक है, जो थोड़ा रहस्य का, थोड़ा विस्मय का और थोड़ा भय का संसार सृजित करती है। जोशी जी ने शब्दों के माध्यम से इतना वास्तविक संसार खड़ा किया है कि पाठक उन परिस्थितियों में, उन स्थानों पर विचरता है जहाँ लेखक ले जाना चाहता है। वास्तव में मनोहर श्याम जोशी समय से आगे के लेखक हैं। इस कृति में लेखक भूतिया महल की कल्पना करता है जिसमें एक नहीं दो भूत बच्चों के रूप में रहते हैं तथा अन्य भूत से दोस्ती रखते हैं। कहानी की एक पात्र इन दो बच्चों को मासूम समझकर उन्हें भूत-प्रेत के साये से बचाने के लिए बड़े संयम, धैर्य व लगन से काम लेती है। कहानी इतनी रोचक है कि एक बार प्रारम्भ करने पर अन्त होने पर ही किताब पाठक के हाथ से छूटती है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2017 |
| Pulisher |











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