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Author Biography
तसलीमा नसरीन
तसलीमा नसरीन सुख्यात लेखक और मानवतावादी विचारक हैं। अपने विचारों और लेखन के लिए उन्हें अकसर फ़तवों का सामना करना पड़ा। विवादास्पद उपन्यास ‘लज्जा’ पर उन्हें उनके देश से निष्कासित कर दिया गया जहाँ वे 1994 से नहीं गईं। भारत समेत कई देशों से उन्हें विभिन्न सम्मानित पुरस्कारों और मानद उपाधियों से विभूषित किया जा चुका है। दुनिया की लगभग तीस भाषाओं में उनकी रचनाओं का अनुवाद हो चुका है।











जलज आहूजा –
फेरा में कल्याणी की कहानी है जो बांग्लादेश में पैदा होती है लेकिन उसे उसके माँ बाप भारत में उसके मामा के पास भेज देते हैं और शादी के बाद कल्याणी अपने बेटे के साथ बांग्लादेश जाती है चूंकि तब तक उसके माँ बाप मर चुके होते हैं तो वह अपनी बचपन की मुस्लिम सहेली के घर पर रुकती है और देखती है कि कैसे बांग्लादेश कट्टरपंथ और कठमुल्लावाद में फंस रहा है