Gaanv Begaanv

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Gaanv Begaanv

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695.00 520.00

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695.00 520.00

Author: Rajendra Prasad Pandey

Availability: 5 in stock

Pages: 184

Year: 2026

Binding: Hardbound

ISBN: 9789377370053

Language: Hindi

Publisher: Rajkamal Prakashan

Description

गाँव बेगाँव

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारतीय समाज में जो व्यापक परिवर्तन हुए हैं, उनसे ग्रामीण जीवन और परिवेश प्रायः अछूता रहा। गाँव में परिवर्तन की प्रक्रिया बहुत धीरे-धीरे, लेकिन बड़ी गहराई से अपने अन्तर्विरोधों के साथ दृष्टिगत हुई। यह अन्तर्विरोध एक ओर अपनी मूल पहचान को बनाए रखने के संघर्ष का है तो दूसरी ओर नए परिवर्तनों के दबाव का भी। वास्तव में वह गाँव के गाँव होने की एक प्रक्रिया है जो इस उपन्यास में सम्भवत: पहली बार अपनी पूरी धमक के साथ उभर कर आई है।

‘गाँव-बेगाँव’ की कथावस्तु समय का करवट लेता एक वास्तविक इतिहास है, जिसमें भारतीय ग्रामीण सामाजिक संरचना एवं जीवन में घटित हो रहे परिवर्तनों, विसंगतियों और वास्तविकताओं को ‘सही दृष्टिकोण’ से देखा गया है। वह आज के किसी भी गाँव की कहानी हो सकती है, क्योंकि इतिहास की पीठ पर उभरती नई वास्तविकताओं और परिवर्तनों को किसी भी शर्त पर बरगलाया नहीं जा सकता। उसे तो समय अपने पन्नों पर बड़े कायदे से समेटे हुए लगातार चलता जा रहा है।

राजेन्द्र प्रसाद पांडेय की लोकजीवन की सूक्ष्म, गहरी और प्रामाणिक जानकारी ने हिन्दी कथा जगत में पहली बार ग्रामीण संवेदनाओं के विविध पहलुओं को इतनी बारीकी और विस्तार से प्रस्तुत किया है। ‘गाँव-बेगाँव’ भारतीय गाँवों के न केवल सुख-दुख को अपनी पूरी बेचैनी के साथ हमारे सामने रखता है, बल्कि आंचलिक परिवेश पर आधारित उपन्यासों की प्रचलित सभ्यता के तिलिस्म को भी तोड़कर एक नये स्वाद से हमें परिचित कराता है।

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Authors

Binding

Hardbound

ISBN

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2026

Pulisher

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