Garibzade

-25%

Garibzade

Garibzade

550.00 415.00

In stock

550.00 415.00

Author: Raju Sharma

Availability: 5 in stock

Pages: 432

Year: 2025

Binding: Paperback

ISBN: 9789362015174

Language: Hindi

Publisher: Setu Prakashan

Description

गरीबजादे

भारतीय समाज और व्यवस्था की नब्ज़ को जिस गहराई से एक कथाकार के रूप में राजू शर्मा समझते हैं, वह हिन्दी कथा परिदृश्य में विरल है। हलफनामे, विसर्जन, पीरनवाज, ऐ मेरे वतन, मतिभ्रम आदि तमाम उपन्यासों में उनके जिस व्यापक पर्यवेक्षण और गहन दृष्टि का ज्ञान होता है, उसी का विस्तार उनके इस नये उपन्यास में है। आम आदमी सत्ता की चक्की में जिस क्रूरता से पीसा जाता है उसे ग़रीबज्जादे में बहुत गहराई से देखा जा सकता है। इसमें वर्णन की ख़ूबी यह है कि न सत्ता इकहरी है और न जनता का शोषण एकांगी है। इस बहुस्तरीय सत्ता और शोषण की परतों को लेखक ने गहरे औपन्यासिक भूगोल में विन्यस्त किया है। इसका एक सिरा अगर समाज में धँसा है तो दूसरा सिरा उनके अपने ही उपन्यास हलफनामे में। इस कारण यह उपन्यास कला की दृष्टि से गहराई और विस्तार दोनों प्राप्त कर सका है।

आशा है कि इनके पिछले उपन्यासों की तरह इस उपन्यास का भी हिन्दी पाठक स्वागत करेगा।

Additional information

ISBN

Authors

Binding

Paperback

Language

Hindi

Pages

Publishing Year

2025

Pulisher

Reviews

There are no reviews yet.


Be the first to review “Garibzade”

You've just added this product to the cart: