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श्रीमद्भगवद् गीता की
सम्पूर्ण व्याख्या
गीता दर्शन
‘‘श्री मद्भगवद् गीता’’ एक असामान्य ग्रन्थ है जिसमें समस्त वेद, पुराण, उपनिषद् तथा षट्दर्शन का सार समाहित है। यह पूर्ण ज्ञान ग्रन्थ है जिसमें ज्ञानियों का ज्ञान है, योगियों का योग है, भक्तों की भक्ति है, कर्मशीलों का कर्तव्यबोध है। यह समग्र जीवन का दर्शन है, श्रेष्ठ जीवन की कुंजी है, आदर्श जीवन का मार्ग है, सृष्टि रचना का विज्ञान है, इसमें दुःख निवृत्ति के उपाय हैं, पाप-पुण्य, धर्म-अधर्म का विवेचन है, आत्मज्ञान की साधना है, अज्ञान निवृत्ति के उपाय हैं तथा सभी प्रकार की जटिलतम मानसिक उलझनों का समाधान है।
श्री दशोरा ने इसे बोधगम्य बनाने का स्तुत्य प्रयास किया है। ग्रन्थ पठनीय व संग्रहणीय है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2015 |
| Pulisher |











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