Hindi Upanyas : Srijan Aur Siddhant
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Description
हिन्दी उपन्यास : सृजन और सिद्धान्त
‘हिन्दी उपन्यास : सृजन और सिद्धान्त’ एक शोधपूर्ण समीक्षात्मक कृति है। इसमें हिन्दी के प्रमुख उपन्यासकारों के अपने सिद्धान्तों के प्रकाश में हिन्दी उपन्यास के स्वरूप के विकास को परखने का प्रयत्न ही नहीं किया गया, हिन्दी के अपने उपन्यास-शास्त्र की रचना की सम्भावनाओं पर भी पूरा प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक आपके सामने हिन्दी-उपन्यास तथा उसके रचनाकारों का वह पक्ष प्रस्तुत करती है, जो आज तक सर्वथा अछूता है। यह उस लेखक की कृति है जो शोधकर्ता तथा व्यावहारिक समीक्षक होने के साथ-साथ हिन्दी का प्रतिष्ठित युवा उपन्यासकार भी है।
परिणामतः सर्जक साहित्यकार की प्रतिभा के योग के कारण यह पुस्तक रूढ़ तथा शुष्क समीक्षात्मक कृति मात्र न होकर सर्जनात्मक कृति के महत्त्व का दावा भी करती है। विश्लेषण तथा सृजन का यह संगम निश्चित रूप से अत्यन्त आकर्षक है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2018 |
| Pulisher |











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