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जन जन के राम
रामनवमी राम का जन्मदिन नहीं, जन्मोत्सव है। राम के जन्म का उछाह राम को अपने बीच सदा अनुभव करने वाला साधारण जन मानता है। राम को या किसी को भी जो लोग भगवान नहीं स्वीकार करना चाहते हैं, वे भी इस उत्सव में सहभागी हो जाते हैं, क्योंकि राम सबके हैं, सबके लिए हैं। यह तिथि इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि गोस्वामी तुलसीदास ने इसी दिन अपनी अमरकृति ‘रामचरितमानस’ का शुभारम्भ उसी अयोध्या में किया, जहाँ राम का जन्म हुआ और उस जन्म को हम घर-घर रामनवमी के लिए घटित होती भावना का विषय बनाते है।
Additional information
| Authors | |
|---|---|
| Binding | Hardbound |
| ISBN | |
| Language | Hindi |
| Pages | |
| Publishing Year | 2025 |
| Pulisher |











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